मुंबई बम ब्लास्ट का दोषी अबू सलेम को उम्रकैद।

68

1

12 मार्च 1993 को मुंबई में हुए सीरियल बम ब्‍लास्‍ट केस में विशेष टाडा अदालत आज गुरुवार (7 सितंबर) को दोषियों को सजा सुनाई गई। अंडरवर्ल्‍ड डॉन अबू सलेम सहित कुल पांच दोषियों को सजा का ऐलान किया गया। अबू सलेम और कलीमुल्‍लाह खान को उम्रकैद और  2-2 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जबकि इनमें से मुस्तफा डोसा की 28 जून को हार्टअटैक से मौत हो गई थी। 16 जून को अदालत ने अबू सलेम के अलावा मुस्तफा डोसा, फिरोज अब्दुल रशीद खान, ताहिर मर्चेंट, करीमुल्ला खान व रियाज सिददीकी को भी दोषी करार दिया था।

2

इन दोषियों को 2003 से 2010 के बीच गिरफ्तार किया गया था और इनपर आपराधिक साजिश रचने, सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और हत्या के आरोप लगे थे। सलेम को भरूच से मुंबई हथियार लाने का दोषी पाया गया है। मुस्तफा डोसा को हत्या, साजिश और आतंकी गतिविधियों का दोषी पाया गया है। फिरोज अब्दुल रशीद खान को साजिश रचने और हत्या का दोषी पाया गया था। ताहिर मर्चेंट का धमाके की साजिश में शामिल रहने का दोषी पाया गया था।

3

आज इस मामले में अदालत का फैसला आने पर मुंबई बम धमाकों के 24 साल बाद इसके पीड़ितों को आज इंसाफ मिला है। मालूम हो कि 12 मार्च 1993 को हुए सीरियल बम धमाकों में 257 लोग मारे गये थे और 700 से ज्यादा घायल हो गये थे। इन धमाकों में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति नष्ट हो गयी थी। दोषियों की सजा पर हुई बहस के दौरान सरकारी वकील दीपक साल्वी ने डोसा, करीमुल्लाह खान, फिरोज खान और ताहिर मर्चेंट को मृत्युदंड और सिद्दीकी को आजीवन कारावास देने की मांग की थी।

4

साल्वी ने कहा था कि वैसे तो अपराध को देखते हुए अबू सलेम को भी फांसी की सजा देनी चाहिए, लेकिन सरकारी वकील ऐसी मांग नहीं कर सकते क्योंकि भारतीय प्रत्यर्पण एक्ट इसमें आड़े आता है। इस ऐक्ट की धारा 34(सी) के तहत जिस देश से किसी आरोपी को प्रत्यर्पित किया जाता है उसे वहां फांसी नहीं दी जा सकती है। हालांकि साल्वी के मुताबिक, सलेम को आजीवन कारावास की सजा जरूर दी जा सकती है।

Leave a Reply