जयललिता के निधन से समर्थकों में पसरा मातम

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0पिछले तीन दशकों से तमिलनाडु की राजनीति पर कब्जा जमाने वाली जयललिता जयराम ने 5 दिसंबर 2016 को आखरी सांस ली। अन्नाद्रमुक प्रमुख और तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता का पार्थिव शरीर चेन्‍नई के राजाजी हॉल में रखा गया है ताकि जनता उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सके। इस समय अम्‍मा को अलविद कहने लोग उमड़ पड़े हैं। तीन दशकों से राज्य की राजनीति का एक ध्रुव रहीं और गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने वाली लोकप्रिय नेता ‘अम्‍मा’ के निधन से प्रदेश की राजनीति में बड़ी रिक्ति पैदा हुई है। अपोलो अस्पताल में 68 वर्षीय जयललिता को रविवार की शाम गंभीर दिल का दौरा पड़ा था और सोमवार रात साढ़े ग्यारह बजे उनका निधन हो गया। उन्हें गत 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में बुखार और निर्जलीकरण की शिकायत के बाद भर्ती कराया था और उसके बाद वह कभी उबर नहीं सकीं। उनके निधन के बाद समर्थकों में गहरा शोक है। राज्य के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम और उनके सहयोगी मंत्रिमंडलीय सहयोगियों, सांसदों, विधायकों तथा राज्य के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने दिवंगत मुख्यमंत्री को सबसे पहले श्रद्धांजलि दी।

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