रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के आसान टिप्स|

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हमारे प्रकृति में हर मानव की शरीर रचना अलग अलग होती है, वस्तुतः मानव और प्रकृति के बीच बहुत गहरा संबंध है | जैसे कोई मोटा होता है या तो कोई पतला होता है, लेकिन बात करे तो मोटे-पतले की नही है, किसी भी सामान्य इंसान का शरीर की क्षमता बीमारियों से लड़ता है की नही उसपे निर्भर होती है | हम सभी के शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी रहना चाहिए इसके लिए काफी सारे उपाय हमारे सामने मौजूद है | अगर आप अपने शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने की सोच रहे हैं, तो जरुरी यह है कि आप अपने आहार में कुछ प्रकार के पोषक तत्वों को शामिल करें जैसे, विटामिन डी, एंटीऑक्सीडेंट या फिर विटामिन सी आदि। एक स्वस्थ जीवनशैली आपके इम्यून सिस्टम को बढ़ाने, संक्रमणों से रक्षा करने में, सूक्षम जीवों से और बीमारी पैदा करने वाले वायरसों से रक्षा करने में मदद करता है।

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1) शारीरिक व्यायाम, सही वजन, धूम्रपान छोडना, सही वजन रखना और सही ब्लड प्रेशर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए अनुकूल है, साथ ही बेहतर और स्वास्थ्यवर्धक खाना रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता हैं। फैट सोल्यूबल विटामिन ई रोग प्रतिरोधक सिस्टम के लिए बेहतर है।

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2) एक प्राकृतिक एंटी-ओक्सीडेंट्स के रूप में विटामिन ई फ्री रेडिकल्स का ओक्सीकरण कर वसा की झिल्ली की रक्षा करता है, साथ ही कोशिकाओं की रक्षा भी करता है। एंटी-ओक्सीडेंट्स तत्वों के कारण विटामिन ई आपको कैंसर, दिल की बीमारियों और अर्थेरोसक्लेरोसिस से बचा सकता है, साथ ही यह धमनी की दीवारों की फैटी मेटेरियल्स से रक्षा करता है जिनसे कि रक्त संचार रुक सकता है।

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3) आपको वेजीटेबल ऑयल, ब्रोक्कोली, बादाम और मूँगफली बविटामिन से भरपूर आहार लेने से चेमोटाक्सिस बढ़ता है, यह सफ़ेद रुधिर कोशिकाओं की गतिविधि है जिसे संक्रमण की जगह न्यूटरोफिल्स कहते हैं। खरबूजा, ब्रोकोली, कीवी, संतरे का रस और लाल मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों से आपको भरपूर विटामिन सी मिल सकता है। टर से पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई मिल सकता है। विटामिन सी एंटी-माइक्रोबियल और कोशिकाओं को नष्ट करने वाकई गतिविधियों को बढ़ाता है और लिम्फोसाइट पैदा करता है, जो कि सफ़ेद रुधिर कोशिकाएं हैं जो की शरीर की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाती हैं।

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4) कैरोटेनोड्स आपके इम्यून सिस्टम पर अनुकूल प्रभाव डालता है। साथ ही यह लिम्फोसाइटों को भी बढ़ाता है। यह साइटोकिन्स और प्रोटीन है को भी बढ़ाता है जिससे रोग प्रतिरोधकता बढ़ती है और जलन आदि भी नहीं होती है। यह बलगम, पेट में एसिड और त्वचा व आंसुओं के एंजाइम के द्वारा शरीर में हानिकारक चीजों को जाने से रोकता है। साथ ही कई तरह के एंटीजन, प्रतिरक्षा में फायदेमंद सूक्ष्मजीवों और वायरसों को बढ़ाकर इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। आपका शरीर एंटीबॉडी का निर्माण करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

immune-system-45) विटामिन डी स्वाभाविक और अनुकूल दोनों तरह की रोग प्रतिरोधकता बढ़ाता है। विटामिन डी का फोर्टिफाइड जूस, डेयरी उत्पाद, मछली और दही में भरपूर विटामिन डी होता है।

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