डेंगू से बचने के आसान तरीके|

3856

अपने आसपास के वातावरण में मौसम बदलते अंदाज से कई बीमारिया फैलने लगती है, इसके वजह से अपने सेहत पर परिणाम होता है| अब बारिश के दिन आखिरी चरण में है , बारिश जब कम ज्यादा होने से कई तरह की बीमारिया पैदा होती है ,जैसे मलेरिया, डेंगू , टायफॉइड जैसे बीमारिया डेरा बनके सामने खड़े हो जाते है | हमारे ध्यान न देने के वजह से कई बीमारिया फ़ैल सकती है , इसके लिए हम भी जिम्मेदारी से और सावधान बरतायेंगे तो यह सब बीमारिया कम होने की संभावना ज्यादा है| बुखार की बात करे तो “डेंगू ” सबसे खतरनाक बुखार की बीमारी है ,खासतौर से जमे हुए पानी में पैदा होने वाले मच्छर से फैलने वाले डेंगू बुखार को हड्डी का बुखार भी कहा जाता है। इससे बचने के लिए कुछ सावधानियां रखना बेहद आवश्यक है। इसके अलावा अगर आप डेंगू की चपेट में आ गए हैं, तो क्या करें उपाय, आइए जानते हैं –

1 अगर आप डेंगू बुखार की चपेट में आ गए हैं, तो जितना हो सके आराम करने पर ध्यान दें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। समय समय पर पानी लगातार पीते रहें।

1-dengue

2 मच्छरों से बचाव करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सोते समय मच्छरदानी लगाकर सोएं और दिन में भी पूरी बांह के कपड़े पहनें, ताकि मच्छर न काट सके।

2-dengue

3 घर में पानी का किसी प्रकार जमाव न होने दें। घर के आसपास भी कहीं जलजमाव न होने दें, ऐसा होने पर मच्छर तेजी से फैलेंगे |

3-dengue

4 बुखार बढ़ने पर कुछ घंटों में पैरासिटामॉल लेकर, बुखार पर नियंत्रण रखें। किसी भी स्थिति में डिस्प्रि‍न या एस्प्रिन जैसी दवाईयां बिल्कुल न लें।

4-dengue

5 जल चिकित्सा के माध्यम से भी शरीर का तापमान किया जा सकता है। इससे बुखार नियंत्रण में रहेगा।

5-dengue

*डेंगू कम करने के लिए यह सावधानी बरतिए –

6-dengue

1 डेंगू से बचाव के लिए जितना हो सके सावधानी रखें। इसके लिए हमेशा ध्यान रखें की पानी में गंदगी न होने पाए। लंबे समय तक किसी बर्तन में पानी भरकर न रखें। इससे मच्छर पनपने का खतरा रहता है।

2 पानी को हमेशा ढंककर रखें, और हर दिन बदलते रहें, अन्यथा इसमें मच्छर आसानी से अपनी वंशवृद्ध‍ि कर सकते हैं।

3  कूलर का पानी हर दिन बदलते रहें। 

4 खि‍ड़की और दरवाजे पर मच्छर से बचने के लिए जाली लगाएं, जिससे मच्छर अंदर न आ सकें।

5 पूरी बांह के कपड़े पहनें या फिर शरीर को जितना हो सके ढंक कर रखें।

इसके अलावा डेंगू के लक्षण सामने आने पर, या इस तरह की समस्याएं होने पर अपने डॉक्टर से उचित परामर्श जरूर लें। दवाईयों का सेवन भी चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार ही करें।

Leave a Reply