नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर – नैनीताल

4004

‘नैनीताल’ उत्तराखंड का पहाडी पर्यटन स्थल है। ‘नैनीताल’को भारत का झीलों वाला शहर भी कहा जाता है। ‘नैनीताल’ में आप कम खर्च में हिल टूरिज्म का भरपूर आनंद उठा सकते हैं। शहर के बीचोंबीच नैनी झील इस पर्यटन स्थल में चार चांद लगा देती है। चीड के घने जंगल पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। ‘काठगोदाम’ से ‘नैनीताल’ जाते समय गोलाई में घूमते हुए ऊपर बढना होता है। ऊपर जाते समय ठंडी हवांए खूबसूरत पहाडों को और भी मनोहर बना देती है। ‘नैनीताल’ को अंग्रेजों ने खुद के लिए हिल स्टेशन के रूप में विकसित किया था। इसिलिए यहां की इमारतौं में ब्रिटिश काल की वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। ‘काठगोदाम’ और ‘नैनीताल’ के बीच ‘ज्योलीकोट’ स्थान पडता है। यहां पर दिन गरम और रातें ठंडी होती हैं। साथ ही रात को आसमान बिल्कुल साफ तारों से भरा हुआ दिखाई पडता है। ‘ज्योलिकोट’ के अलावा यहां ‘भीनताल’, ‘नौकुचियाताल’, ‘माल रोड’, ‘मल्लीताल’, ‘तल्लीताल’ अनेक स्थान घूमने लायक हैं। ‘नैनीदेवी मंदिर’ एक महत्त्वपूर्ण धार्मिक स्थल है जो भारत के 51 शक्ति-पीठों में गिना जाता है।

तीन संत जिनके नाम थे ‘अत्री’, ‘पुलस्त्य’ और ‘पुलाह’। वे अपनी प्यास मिटाने के लिए ‘नैनीताल’ में रुके थे, पर उन्हें कहीं भी पानी नहीं मिला तब उन्होंने एक गड्ढा खोदा और मानसरोवर झील से लाए गए जल से इस गड्ढे को भर दिया। तब से यह ‘नैनीताल’ नामक  प्रसिद्ध झील अस्तित्व में आई। ‘राजभवन’, ‘चिड़ियाघर’, ‘फ्लैट्स’, ‘मॉल’, ‘सेंट जॉन चर्च इन वाइल्डरनेस’, और ‘पंगोट’ नैनीताल के ये आकर्षण स्थल  हैं। ‘ठंडी सड़क’, ‘गुर्ने हाउस’, ‘खुर्पाताल’, ‘गुआनो हिल’ और ‘अरबिंदो आश्रम’ भी देखने का योग्य हैं।

‘नैनीताल’ में पर्यटक लोकप्रिय एक्टिविटी में शामिल हो सकते हैं जैसे घोड़े की सवारी, ट्रैकिंग, और नाव चलाना। ‘नैनीताल’ का ग्रीष्मकालीन मौसम मजेदार रहता है। ‘नैनीताल’ में देश के कुछ भागों से सड़क, रेल और वायु मार्ग से आ सकते है।

 

आइए देखें नैनीताल को चार चांद लगा देनेवाली कुछ तस्वीरें।

 

नैनीताल (1)

 

नैनीताल (2)

 

नैनीताल (3)

 

नैनीताल (4)

 

नैनीताल (5)

 

नैनीताल (6)

 

नैनीताल (7)

 

नैनीताल (8)

 

नैनीताल (10)

 

नैनीताल (13)

 

नैनीताल (9)

 

नैनीताल (12)

 

 

 

नैनीताल (11)

 

नैनीताल (2)

Leave a Reply