मध्य भारत का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल – पचमढ़ी

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मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित ‘पचमढ़ी’ मध्य भारत का सबसे खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इस स्थान की खोज कैप्टन जे. फॉरसोथ ने १८६२ में की थी। ‘पचमढ़ी’ अपनी प्राचीन ‘गुफाओं’, ‘स्मारकों’, ‘जलप्रपातों’, ‘प्राकृतिक सुंदरता’, ‘जंगलों’ और ‘वनस्पतियों’ और ‘जीव जंतुओं’ के लिए प्रसिद्ध है। ‘चट्टानी पहाड़ियां’, ‘हरी भरी घाटी’, ‘घने जंगल’, ‘जलप्रपात’ और ‘आरामदायक मौसम’ इसे प्रकृति का आवास बनाते हैं। सूर्यास्त की सुन्दरता का आनंद उठाने के लिए ‘पचमढ़ी’ एक उचित स्थान है। ‘हांड़ी खोह’, ‘जटा शंकर गुफा’, ‘पांडव गुफाएं’, ‘अप्सरा विहार’, ‘बी फॉल’, ‘डचेस फॉल’ आदि ‘पचमढ़ी’ के प्रमुख आकर्षण स्थलों में से हैं। ‘पचमढ़ी’ के जंगल खासकर जंगली भैंसे के लिए प्रसिद्ध हैं। ‘पचमढ़ी’ की गुफाए पुरातात्विक महत्व की हैं क्योंकि इन गुफाओं में शैलचित्र भी मिले हैं। यहां के हरे-भरे और शांत वातावरण में बहुत-सी नदियों और झरनों के गीत पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। यहां गौर, तेंदुआ, भालू, भैंसा तथा अन्य जंगली जानवर सहज ही देखने को मिल जाते हैं। इसके साथ ही यहां शिवशंकर के कई मंदिर भी है, जो आपको तीर्थयात्रा का सुकून देते हैं। अगर आप मध्यप्रदेश के एकमात्र पर्वतीय पर्यटन स्थल ‘पचमढ़ी’ जाएंगे, तो प्रकृति का भरपूर आनंद उठाने के साथ आपकी तीर्थयात्रा भी हो जाएगी। ‘पचमढ़ी’ समुद्रतल से १,०६७  मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच होने और अपने सुंदर स्थलों के कारण ‘पचमढ़ी’ को सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है। ‘पचमढ़ी’ का ठंडा सुहावना मौसम इसकी सबसे बड़ी विशेषता है।

सर्दियों में ‘पचमढ़ी’ में तापमान लगभग ४ से ५ डिग्री तक रहता है और गर्मियों में तापमान ३५ डिग्री से अधिक नहीं जाता। ‘पचमढ़ी’ का मौसम पूरे वर्ष खुशनुमा रहता है। पचमढ़ी में  किसी भी समय  जा सकते है, हालाँकि अक्टूबर से जून का समय सबसे अच्छा माना जाता है। ‘पचमढ़ी’ का खुशनुमा मौसम पर्यटन को बढ़ावा देता है। इस हिल स्टेशन तक पहुँचने के लिए आप भोपाल तक हवाई मार्ग या रेल मार्ग द्वारा पहुँचकर बची हुई दूरी को रास्ते द्वारा तय कर सकते हैं।

 

आइए देखे ‘पचमढ़ी’ के प्रकृति का आवास बनानेवाली कुछ तस्वीरें।

 

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