भक्तों की अपार श्रद्धा से कोर्ट ने दी परमिशन|

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इंसान की मृत्यु होने पर उसको दफनाया जाता है| लेकिन भारत में ऐसे एक महाराज है की उनकी मृत्यु होने पर उनको दफनाया नहीं गया बल्कि उनको तीन साल तक फ़्रीज़र में रखा गया है| ऐसे ही एक महाराज के बारे में आज हम बताने जा रहे है|

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पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज के भक्तों को उनकी देह फ़्रीज़र में रखने की अनुमति दे दी है|

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श्री आशुतोष महाराज की मृत्यु २९ जनवरी २०१४ में दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी| लेकिन उनके भक्तों का मानना है कि महाराज गहरे ध्यान में लीन है और एक दिन वापस जीवित हो जायेगे| इसीलिए भक्तों ने महाराज के शरीर को पंजाब के एक आश्रम में एक फ़्रीज़र में रखा है|

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आशुतोष महाराज के बेटा होने का दावा करने वाले दिलीप कुमार झा और महाराज के भक्तों के बीच उनके शरीर को लेकर मौजूदा विवाद चल रहा है|

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उनका बेटा दिलीप चाहते हैं कि उनके पिता का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार हो|

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लेकिन मौजूदा फ़ैसले में कोर्ट ने २०१४ के उस फ़ैसले को ख़ारिज कर दिया है जिसमें आशुतोष महाराज की मौत की पुष्टि के बाद उनके अंतिम संस्कार की इजाज़त दे दी गई थी|

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दिलीप कुमार झा के वकील ने समाचार एजेंसी को बताया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि कोर्ट उनके भक्तों की महाराज जीवित रहने की दलील से सहमत है|

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महाराज के मृत्यु के बाद उनके प्रवक्ता स्वामी विशालानंद ने समाचार एजेंसी से कहा था की महाराज मरे नहीं हैं| मेडिकल साइंस योग विज्ञान की चीजें नहीं समझता है| हम इंतज़ार करेंगे और देखेंगे| हमें पूरा विश्वास है कि महाराज वापस लौटेंगे|

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