भारत के तिरंगे का इतिहास |

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भारत के ७० वे स्‍वतंत्रता दिवस, १५ अगस्त को मनाया जाता है इस दिन पुरे भारत में तिरंगा लहराया जाता है| इस तिरंगे के पीछे बड़ा इतिहास है| इस झंडे के पीछे भारत में कई विवाद हुए थे, तभी आखिर में जाके तिरेंगे को भारत के झंडे को मोहर लगाई गयी थी|bharat tiranga-1

७ अगस्त १९०६ इस दिन यह ध्वज कोलकता में हुए कांग्रेस के अधिवेशन के में लहराया गया था| यह पहला झंडा स्वामी विवेकानंद की शिष्य भगिनी निवेदिता ने निर्माण किया था|bharat tiranga-2

 साल १९०७ मादाम कामा इन्होंने यह झंडा पेरिस में लहराया था |bharat tiranga-3

इस झंडे को साल १९१७ को मान्यता दी गई थी| लोकमान्य तिलक और अॅनी बेझंट इन्होंने यह झंडा लहराया था|bharat tiranga-4

साल १९२१ इस झंडे को मान्यता दी गई थी| पिंगली व्यंकय्या इन्होंने इस झंडे को बनाया था और महात्मा गांधी जी को दिया था|bharat tiranga-5

साल १९३१ इस तिरेंगे को मान्यता दी गई थी | इस झंडे में महात्मा गांधी के चरखे का समावेश किया गया था|bharat tiranga-6

भारत के स्‍वतंत्रता के पहले २२ जुलाई १९४७ को अंतिम झंडे को मोहर लगाई थी| इस तिरंगे में अशोकचक्र को स्थान दिया हैं| पिंगली व्यंकय्या इन्होंने इस झंडे को बनाया था|

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