अब कोच्चि मेट्रो में काम करेंगे किन्नर कर्मचारी|

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अपने देश में किन्नर समुदाय के लोग बहुत तादाद में है, उनको कोई काम ही नहीं मिलता है| वो लोग बस और ट्रैन में पैसे मांगते घूमते रहते है| लेकिन केरल सरकार ने इन लोगो की मजबूरी को समझ कर उन्हें कोच्चि मेट्रो में जॉब देने का फैसला किया है| केरल की कोच्चि मेट्रो में किन्नर समुदाय के 23 लोगों को अलग-अलग पदों पर नियुक्त किया है| ये लोग हाउसकीपिंग से लेकर टिकट काउंटर के पद पर काम करते दिखाई दंगे। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक उन्हें जरूरी प्रशिक्षण देने के बाद मेट्रो कर्मचारियों के रूप में शामिल किया जाएगा| कोच्चि मेट्रो में काम करने वाले इस किन्नर समुदाय के लोगो को कोई किराए पर मकान देने के लिए तैयार ही नहीं है। इसलिए कोच्चि मेट्रो ने इन लोगो को मामूली शुल्क में मकान उपलब्ध कराने का फैसला किया है| एक किन्नर कर्मचारी ने बताया की टिकट काउंटर पर लोग उन्हें अलग नजरिये से देखते है| किन्नर समुदाय के लोग मेट्रो जैसे सेवा में काम करेंगे तो इंसान के बिच का भेदभाव भी खत्म हो जायेगा| इन्ह समुदाय के लोगो को उचित सन्मान भी मिलेगा| केरल भारत का पहिला राज्य है, जिन्होंने किन्नर समुदाय के लोगो को रोजगार दिया है| उम्मीद करते है की आने वाले समय में सभी राज्य केरल से सीखे और किन्नर समुदाय के लोग को उचित रोजगार उपलब्ध कराये|

एक अन्य किन्नर कर्मचारी ने बताया कि कई सारे घर किराए पर उपलब्ध हैं, लेकिन मकान मालिक किन्नरों को देने के लिए तैयार नहीं हैं। ऐसे में हमें 600 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से लॉज में रहना पड़ रहा है और इतनी सैलरी में रहना और खाना बहुत मुश्किल है। इसी कारन 11 किन्नर कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ दी है। टिकटिंग सेक्शन से जुड़े किन्नर कर्मचारीको 10,500 रुपए प्रति माह सैलरी मिलती है, जबकि हाउसकीपिंग स्टाफ को 9,000 रुपए प्रति माह सैलरी दी जाती है।

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