दिवाली में बनाये विविध प्रकार की रंगोली |

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पूरी दुनिया में भारत देश को त्यौहार का देश कहा जाता है, भारत में विविध धर्म के लोग है और विविध धर्म लोगों के काफी सारे त्यौहार मनाते है | भारत में इन त्यौहार या मंगलकार्य में ‘रंगोली’ का बहुत बड़ा महत्व है, सदियोंसे भारत के शुभ कार्य के लिए लोग रंगोली निकालते है | भारत के कई प्रांतो मे विविध प्रकार की रंगोली निकालते है और भारत में रंगोली निकालने वाले कई बड़े कलाकार है यह कलाकार अपने कल्पना से रंगोली निकालकर को लोग के सामने पेश करते है | कुछ दिनों बाद भारत का सबसे बड़ा त्यौहार दिवाली आ रही है, दिवाली भारत में बड़ी धूमधाम से मनाए जाती है पर रंगोली के बिना दिवाली त्यौहार मनाया नही सकते है | सदियो पुराणी रंगोली निकालने के तरीका में बदलाव आये है, लेकिन इस कला में कोई उत्साह काम नही हुआ है, यही कारण है कि पारंपरिक रंगोली का नयापन भी मन को मोहता है | आगे हम जानेगे रंगोली निकालने विविध प्रकार…

1 रंगों की ओली –rangoli-1

रंगों की सहायता से, कई लयबद्ध बिंदुओं को मिलाते हुए रंगोली की कई सुंदर-सुंदर आकृतियां बनाई जाती हैं, जो बेहद आसान और आकर्षक होती है। यह तरीका आसान होने के कारण युवतियों के साथ ही छोटी बालिकाएं भी आसानी से रंगोली को आकार दे सकती हैं। इसके बाद इसमें अपने अनुसार रंग भरकर इसे और भी आकर्षक बनाया जाता है। तब तैयार होती है, खूबसूरत रंगोली। अगर आपको रंगोली बनाना कठिन लगता है, तो आपके लिए सबसे बेहतर तरीका यही है। इसके लिए बाजार में किताब उपलब्ध है।

2 मांडना –rangoli-2

वर्तमान में रंगोली का प्रचलन सबसे अधिक है, लेकिन पुरानी परंपरानुसार आज भी आंतरिक इलाकों में मांडने बनाए जाते हैं। यह घर के आंगन या फर्श पर प्राकृतिक रंगों का उपयोग कर आकर्षक ढंग से बनाए जाते हैं। आप अगर ही दिन रंगोली नहीं बनाना चाहते तो मांडना पारंपरिक और खूबसूरत तरीका है।मांडने की एक खासियत यह भी है, कि यह लंबे समय तक बने रहते हैं। इसे बनाने के लिए गीले रंगों का प्रयोग किया जाता है, जो सूखने के बाद लंबे समय तक उतने ही आकर्षक नजर आते हैं।

3  फूलों की रंगोली –rangoli-3

रंगोली बनाने का एक बेहद खूबसूरत तरीका यह भी है। दुनिया में फूलों से ज्यादा सुंदर चीज और कुछ भी नहीं। इन्हीं रंगबिरंगे फूलों और पंखुड़ियों का प्रयोग कर जब रंगोली बनाई जाती है, तो यह न केवल आंखों को खूबसूरत दिखाई देती है, बल्कि इसकी महक से आपका मन भी इस खूबसूरती को महसूस करने लगता है। दक्षिण भारत में खास तौर से इस तरह की रंगोली बनाई जाती है, और अब हर जगह यह प्रचलन है।

4  तैलीय रंगों की रंगोली –rangoli-4

जी हां, तैलीय रंगों और सामान्य पक्के रंगों द्वारा भी रंगोली बनाई जाती है, जो लंबे समय तक बरकरार रहती है। इसे बार-बार बनाने की आवश्यकता नहीं होती। और आप इसके लिए जितने चाहें उतने रंगों का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप इसे सीधे ब्रश की सहायता से मनचाही आकृतियों में घर के आंगन, फर्श या फिर आप जहां चाहें बना सकते हैं।

5  कृत्रिम सांचों से बनी रंगोली –rangoli-5

यह रंगोली बाजार में उपलब्ध अलग-अलग आकृतियों और सांचों से बनाई जाती है, जिसके लिए आपको हाथ से मेहनत करने की जरूररत नहीं होती। बस सांचे में रंगोली भरकर अपने अनुसार आकृतियां उकेरी जा सकती हैं। इसमें पहले जमीन पर छन्नी से रंगों को समान रूप से फैलाया जाता है, उसके बाद सांचे या फिर छापों की सहायता से सफेद रंगोली का उपयोग कर आकृतियां बनाई जाती है। यह रंगोली अापके लिए बनाना अासान भी होगा और समय की बचत भी होगी।

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