मध्‍य प्रदेश का पवित्र तीर्थस्‍थल अमरकंटक|

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amarkantak images (7)अमरकंटक मैकाल की पहाडि़यों में बसा मध्‍य प्रदेश का एक लोकप्रिय हिन्‍दू तीर्थस्‍थल है। अमरकंटक नर्मदा नदी, सोन नदी और जोहिला नदी का उदगम स्थान है। यह शहर समुद्र तल से 1065 मीटर ऊंचाई पर है| यहाँ पर ही मध्‍य भारत के विंध्य और सतपुड़ा की पहाडि़यों का मेल होता है। चारों ओर से टीक और महुआ के पेड़ो से घिरे अमरकंटक से ही नर्मदा और सोन नदी की उत्‍पत्ति होती है। यहां के खूबसूरत झरने, पवित्र तालाब, ऊंची पहाडि़यों और शांत वातावरण पर्यटको को मंत्रमुग्‍ध कर देते हैं। प्रकृति प्रेमी और धार्मिक प्रवृत्ति के लोगों को यह स्‍थान बहुत ही पसंद आता है। कहा जाता है कि भगवान शिव की पुत्री नर्मदा जीवनदायिनी नदी के रूप में यहां से बहती है। अमरकंटक बहुत से आयुर्वेदिक पौधों मे लिए भी मशहूर है‍|

amarkantak images (2)धुनी पानी – यह एक गर्म पानी का झरना है। कहा जाता है कि यह झरना औषधीय गुणों से संपन्‍न है और इसमें स्‍नान करने से शरीर के असाध्‍य रोग भी ठीक हो जाते हैं।

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दूधधारा – अमरकंटक में दूधधारा नाम का यह झरना काफी मशहूर है। ऊंचाई से गिरते इस झरने का जल दूध के समान प्रतीत होता है इसीलिए इसे दूधधारा के नाम से जाना जाता है।

Son_River,_Umaria_district,_MP,_Indiaसोनमुदा – सोनमुदा सोन नदी का उदगम स्‍थल है। यहां से घाटी और जंगल से ढ़की पहाडियों के खूबसूरत दृश्‍य देखने को मिलते है। सोन नदी 100 फीट ऊंची पहाड़ी से एक झरने के रूप में यहां से गिरती है। सोन नदी की सुनहरी रेत के कारण ही इस नदी को सोन कहा जाता है।

amarkantak images (6)मां की बगिया – मां की बगिया माता नर्मदा को समर्पित है। कहा जाता है कि इस हरी-भरी बगिया के स्‍थान से शिव की पुत्री नर्मदा पुष्‍पों को चुनती थी। यहां प्राकृतिक रूप से आम, केले और अन्‍य बहुत से फलों के पेड़ भी हैं। साथ ही गुलबाकावली और गुलाब के खूबसूरत पौधे यहां की सुंदरता में बढोतरी करती हैं।

amarkantak images (1)कपिलधारा – लगभग 100 फीट की ऊंचाई से गिरने वाला कपिलधारा झरना बहुत ही सुंदर और लोकप्रिय है। यहां से घने जंगलों, पर्वतों और प्रकृति के सुंदर नजारे देखने को मिलते हैं।

amarkantak images (8)सर्वोदय जैन मंदिर – यह मंदिर भारत के अद्वितीय मंदिरों में से एक है। इस मंदिर को बनाने में सीमेंट और लोहे का इस्‍तेमाल ही नहीं किया गया है।

amarkantak images (17)नर्मदाकुंड और मंदिर – नर्मदाकुंड नर्मदा नदी का उदगम स्‍थल है। इसके चारों ओर अनेक मंदिर बने हुए हैं। इन मंदिरों में नर्मदा और शिव मंदिर, कार्तिकेय मंदिर, श्रीराम जानकी मंदिर, दुर्गा मंदिर, शिव परिवार और श्रीराधा कृष्‍ण मंदिर आदि प्रमुख मंदिर हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव और उनकी पुत्री नर्मदा यहां निवास करते थे। माना जाता है कि नर्मदा उदगम की उत्‍पत्ति शिव की जटाओं से हुई है, इसीलिए शिव को जटाशंकर भी कहा जाता है।

amarkantak images (12)श्री ज्‍वालेश्‍वर महादेव मंदिर – श्री ज्‍वालेश्‍वर महादेव मंदिर अमरकंटक से 8 किमी दूर शहडोल रोड पर है। यह खूबसूरत मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहीं से जोहिला नदी की उत्‍पत्ति होती है। विन्‍ध्‍य वैभव के अनुसार भगवान शिव ने यहां स्‍वयं अपने हाथों से शिवलिंग स्‍थापित किया था और मैकाल की पह‍ाडि़यों में असंख्‍य शिवलिंग के रूप में बिखर गए थे। माना जाता है कि भगवान शिव अपनी पत्‍नी पार्वती से साथ इस रमणीय स्‍थान पर निवास करते थे। मंदिर के निकट की ओर सनसेट पॉइंट भी है।

अमरकंटक में होटल श्री माता सदन, होटल आशीष पैलेस, होटल कुंदन किंग्स, होटल सिल्वर ओक और होटल इंटरसिटी इंटरनेशनल यह फेमस होटल है|

सड़क मार्ग – अमरकंटक मध्‍य प्रदेश और निकटवर्ती शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। पेंड्रा रोड, बिलासपुर और शहडोल से यहां के लिए नियमित बसे भी उपलब्ध है।

रेल मार्ग – पेंड्रा रोड अमरकंटक का नजदीकी रेल्वे स्‍टेशन है जो लगभग 35 किमी दुरी पर है। अनूपपुर रेल्वे स्‍टेशन अमरकंटक से 72 किमी दुरी पर है|

वायु मार्ग – अमरकंटक का नजदीकी एयरपोर्ट जबलपुर है, जबलपुर अमरकंटक से लगभग 245 किमी दूरी पर है।

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