मोरक्को में बीती रात आए शक्तिशाली भूकंप के बाद 600 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है.

राजधानी मराकेश में 6.8 तीव्रता के भूकंप आया जिसके बाद राजधानी समेत देश के कई शहरों में लोग सड़कों पर निकल आए.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, मोरक्को के आंतरिक मंत्रालय ने 632 लोगों के मौत की पुष्टि की है और 329 लो घायल हुए हैं.

मंत्रालय ने बताया है कि घायल लोगों में 51 की हालत गंभीर है.


शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक़ अधिकतर मौतें देश के दूरस्थ पहाड़ी इलाक़ों में हुई हैं जहां पहुंचना मुश्किल होता है.


मराकेश में ध्वस्त इमारत

ये भूकंप बीती रात स्थानीय समयानुसार 11 बजकर 11 मिनट पर आया. भूकंप का केंद्र राजधानी मराकेश से क़रीब 71 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में ऊंचे एटलस पहाड़ों में ज़मीन से 18.5 किलोमीटर नीचे था. भूकंप के 19 मिनट बाद 4.9 तीव्रता का एक झटका और आया.

भूकंप की वजह से राजधानी मराकेश में और दक्षिण के कई इलाक़े में मौतें हुई हैं.

गृह मंत्रालय की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है, “शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक़ भूकंप की वजह से अल-हाउज़, मराकेश, ऊराज़ाज़ाते, अज़ीलाल, चीचाउआ और टैरोडां प्रांतों में लोगों की जान गई है.”

स्थानीय टीवी पर प्रसारित एक वीडियो के इस स्क्रीन शॉट में भूकंप के बाद ध्वस्त कार दिख रही है.


गिरती इमारतें, भागते लोग

सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो साझा किये गए हैं जिनमें गिरी हुई इमारतें और घायल लोग दिख रहे हैं.

कई वीडियो में इमारतें हिल रही हैं और लोग सड़कों की तरफ़ भाग रहे हैं. धूल के गुबार के बीच चलते हुए लोग भी सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में दिख रहे हैं. हालांकि बीबीसी ने स्वतंत्र रूप से अभी इन वीडियो की पुष्टि नहीं की है.

सरकारी टीवी पर प्रसारित एक वीडियो में गाड़ियों पर गिरी हुई इमारतों का मलबा नज़र आ रहा है.

भूकंप आने के बाद अधिकतर लोगों ने अपने घरों के बाहर सड़कों और पार्कों में रात बिताई है.


मराकेश शहर में कई इमारतें भूकंप के दौरान ध्वस्त हो गईं.


मराकेश के प्राचीन इलाक़ों में कई इमारतें गिर गई हैं. एक स्थानीय निवासी ने रॉयटर्स को बताया है कि प्राचीन शहर में कई इमारतें ज़मींदोज़ हो गई हैं.

ऐतिहासिक शहर मराकेश के एक अन्य शहरी ने बताया कि उसने “तेज़ झटके महसूस किए और इमारतें हिल रही थीं.”

अब्दुलहक़ अल इमरानी ने एएफ़पी को बताया, “लोग डर और ख़ौफ़ में थे, अफ़रा-तफ़री का माहौल था.”

अब्दुलहक़ के मुताबिक़ क़रीब दस मिनट तक बिजली नहीं थी और फ़ोन काम नहीं कर रहे थे.

एएफ़पी की रिपोर्ट के मुताबिक़ एक परिवार मलबे में फंसा था और कई लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया.

कासाब्लांका में सड़क पर रात गुज़ारते लोग


पहाड़ पर केंद्र

भूकंप का केंद्र पहाड़ी क्षेत्र में था लेकिन झटके क़रीब साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर राजधानी रबात में भी महसूस किए गये. कासाब्लांका और इज़्ज़ोरिया जैसे शहर भी हिल गए.

भूकंप के केंद्र के पास स्थित साधारण मकान गिर गए होंगे और वहां से जानकारियां मिलने में भी वक़्त लग सकता है.

मोरक्को के मराकेश जैसे शहरों में बड़ी तादाद में पर्यटक भी आते हैं और पर्यटकों के प्रभावित होने की आशंका भी हैं.

मोरक्को के जेमा अल फ़ना चौक पर एक ऐतिहासिक मस्जिद की मीनार गिर गई है. बीबीसी ने इससे जुड़े वीडियो देखे हैं. हालांकि स्वतंत्र रूप से इन वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है.

एएफ़पी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यहां दो लोग घायल हुए हैं.


सोशल मीडिया पर पोस्ट तस्वीरों में मराकेश में हुई तबाही दिख रही है


जेमा-अल-फना मराकेश का मुख्य चौराहा है और इसे विश्व विरासत का दर्जा हासिल है.

दुनियाभर के पर्यटक यहां पहुंचते हैं और लोगों से मिलते हैं.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरक्को में भूकंप की घटना के बाद दुख ज़ाहिर किया है.

मोदी ने कहा है, “जिन लोगों ने परिजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना. भारत इस मुश्किल वक़्त में मोरक्को की हर मदद करने के लिए तैयार है.”

ये रिपोर्ट लिखे जाने तक मोरक्को में सूर्योदय नहीं हुआ है. भूकंप के बाद के हालात की पूरी तस्वीर अभी साफ़ नहीं हुई है.

लेकिन अभी तक जो रिपोर्टें मिली हैं उनके मुताबिक़ मराकेश भूकंप से बुरी तरह प्रभावित है.



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