Diabetes Tests & Diagnosis : भारत में डायबिटीज की बीमारी खतरनाक तरीके से फैल रही है. इस बीमारी का शिकार अब कम उम्र के लोग भी हो रहे हैं. अधिकतर मामलों में डायबिटीज की पहचान काफी देरी से होती है. ऐसे में डायबिटीज का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट कराने चाहिए इसका आपको पता होना चाहिए.
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| Diabetes Test |
दिल्ली में एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. स्वप्निल जैन बताते हैं कि आज के समय में डायबिटीज किसी भी उम्र में हो सकती है. पहले 50 से अधिक उम्र के बाद टाइप-2 डायबिटीज के केस आते थे, लेकिन अब 30 साल की उम्र में ही ऐसा हो रहा है. ऐसे में लोगों को अब इसी उम्र में डायबिटीज री पहचान के लिए टेस्ट करा लेने चाहिए. इसके लिए ये तीन जांच करा सकते हैं.
एचबीए1सी टेस्ट
शुगर लेवल की जांच के लिए यह एक सबसे अच्छा टेस्ट माना जाता है. एचबीए1सी टेस्ट की मदद से पिछले तीन महीनों के शुगर लेवल का पता चल जाता है. जिन लोगों को डायबिटीज के लक्षण दिख रहे हैं उनको तुरंत ये टेस्ट करा लेना चाहिए. पिछले तीन महीनों के शुगर लेवल से यह पता चल जाता है कि शरीर में डायबिटीज होने का कितना खतरा है.
ओजीटीटी टेस्ट
ओजीटीटी टेस्ट को ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट कहा जाता है. ये टेस्ट बता देता है कि आपको डायबिटीज हो गई है या नहीं. ओजीटीटी टेस्ट में मरीज को ग्लूकोज का पानी दिया जाता है. इसके बाद उसके खून से सैंपल लिया जाता है. ये बताता है कि मरीज में शुगर का लेवल कितनी दिनों से बढ़ा हुआ है.
फास्टिंग टेस्ट
फास्टिंग ग्लूकोज टेस्ट शरीर में शुगर लेवल की पहचान के लिए किए जाने वाला एक कॉमन टेस्ट है. इस टेस्ट को आप सुबह खाली पेट करा सकते हैं. इसके लिए एक दिन पहले रात को खाना नहीं खाना होता है. टेस्ट को कराने से पहले कम से कम आठ घंटे भूखा रहना होता है. इस टेस्ट को कोई भी व्यक्ति करा सकता है. ये शुगर लेवल की सही जानकारी देता है. अगर इस टेस्ट में शुगर बढ़ा हुआ मिलता है तो आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
ये हैं डायबिटीज के लक्षण
- ज्यादा भूख लगना
- अचानक वजन कम होना
- कमजोरी
- थकावट
- ज्यादा प्यास लगना

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