ITR Verification- इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया में आखिरी चरण उसको वेरिफाई या सत्यापित करना होता है. आईटीआर को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से वेरिफाई किया जा सकता है.

हाइलाइट्स

  • आईटीआर भरने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है.
  • आईटीआर को वेरीफाई करना अनिवार्य है.
  • ऑनलाइन और ऑफलाइन यह काम हो जाता है

नई दिल्ली. यदि आप आयकर रिटर्न फाइल कर चुके हैं तो समय रहते उसे वेरीफाई भी कर दें. यदि आपने आईटीआर वेरीफाई (ITR Verification) नहीं किया तो आपका आईटीआर फाइल करना बेकार हो जाएगा और उसे माना नहीं जाएगा. ITR फाइल करने का अंतिम चरण फॉर्म सबमिट नहीं, बल्कि वेरीफिकेशन होता है. केवल आईटीआर भरने से ही आपको रिटर्न नहीं मिलेगा. इसलिए अगर आपने केवल रिटर्न दाखिल की है और उसे सत्यापित नहीं किया है, तो यह काम तुरंत कर दें.

पहले आयकरदाता ऑनलाइन आईटीआर दाखिल करने के बाद 120 दिनों तक आईटीआर वेरिफाई कर सकते थे. लेकिन, पिछले साल सीबीडीटी ने यह समय घटाकर 30 दिन कर दिया. इसका अर्थ है कि अब आईटीआर दाखिल करने के एक महीने के भीतर ही उसे वेरिफाई करना होगा. नया नियम पिछले साल अगस्त में लागू हुआ था. इस संबंध में सीबीडीटी ने एक नोटिफिकेशन जारी किया था.

नोटिफिकेशन में कहा गया, “इलेक्ट्रोनिक आईटीआर भरने के 30 दिन के भीतर फॉर्म आईटीआर-वी दाखिल करना होगा. अगर इस अवधि के बाद आईटीआर-वी दाखिल किया जाता है तो इसे ऐसे समझा जाएगा कि जिस रिटर्न के संबंध में यह फॉर्म दाखिल किया गया है, वह कभी भरा नहीं गया. फिर आयकरदाता को दोबारा डेटा भरना (रिटर्न) होगा और फिर इसके 30 दिन की समयावधि में फॉर्म आईटीआर-वी दाखिल करना होगा.”

बिना वेरिफाई किए अमान्य होती है ITR

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया में आखिरी चरण उसको वेरिफाई या सत्यापित करना होता है. बिना वेरिफिकेशन के आईटीआर (ITR) अमान्य माना जाएगा. इस स्थिति में आपको दोबारा रिटर्न दाखिल करनी पड़ेगी और उसे वेरीफाई करना होगा. अगर आप वेरिफाई नहीं करते हैं तो आपको इनकम टैक्स रिफंड नहीं मिलेगा. अगर कोई व्यक्ति नियत तारीख से पहले अपने आईटीआर (Income Tax Return) को सत्यापित करने (ITR Verification) में विफल रहता है, तो वह देरी का कारण बताते हुए विभाग से उसे देरी से आईटीआर वेरीफाई करने का अनुरोध कर सकता है. यदि यह अनुरोध स्वीकृत हो जाता है, तो वह रिटर्न सत्यापित कर सकता है.

6 तरीकों से कर सकते हैं यह काम

आईटीआर को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से वेरिफाई किया जा सकता है. ITR को वेरिफाई करने के कुल 6 तरीके हैं. इनमें से 5 तरीके ऑनलाइन और एक तरीका ऑफलाइन है. रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिलने वाले ओटीपी, बैंक अकाउंट, डीमैट अकाउंट, एटीएम और नेटबैंकिंग की सहायता से ऑनलाइन आईटीआर वेरीफाई कर सकते हो. आईटीआर-वी फार्म की साइन की हुई कॉपी डाक से इनकम टैक्स विभाग को भेजकर भी आईटीआर का वेरीफिकेशन किया जा सकता है.

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