अमेरिका में एक भयानक पर्यावरणीय संकट की खबर आ रही है. दरअसल, दक्षिणी-पश्चिम हिस्सों में जमीनें मीलों तक फटने लगी है. वैज्ञानिकों ने बताया कि इन क्षेत्रों में बड़े स्तर पर भूजल की पंपिंग से ये पर्यावरणीय संकट आया है. ये विशाल दरारें एरिज़ोना, यूटा और कैलिफोर्निया सहित राज्यों में देखी गई हैं.


एरिज़ोना जियोलॉजिकल सर्वे में, पृथ्वी की दरारों पर शोध करने वाले जोसेफ कुक ने इनसाइडर को बताया कि जब सतह के नीचे प्राकृतिक जलभृतों (Natural Water Resources) से बहुत अधिक भूजल पंप होता है तो भूमि ढीली हो जाती है जिसकी वजह से इसमें दरारें बन जाती हैं.


शोधकर्ता जोसेफ कुक ने कहा, 'दरारें प्राकृतिक रूप से होने वाली चीज नहीं हैं. यह कुछ ऐसा है जिसे हमने तैयार किया है.'


अमेरिका की जमीनों में पड़ी दरारें पृथ्वी में तनाव का संकेत हैं. इसकी वजह से जमीन के अंदर जिन क्षेत्रों में पानी का दोहन हुआ रहता है उन्हीं में दरारें आती हैं. और फिर, ये तनाव की वजह से धंसने लगती हैं.


अमेरिका के एरिज़ोना में 2002 से पर्यावरणीय समस्या की निगरानी कर रही एरिज़ोना भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण संस्था ने बताया, ‘अभी इन क्षेत्रों में कम से कम 169 दरारें हैं.’


न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट ने बताया कि ये एक राष्ट्रीय संकट का संकेत है. रिपोर्ट में बताया गया है कि, भूजल से अमेरिका के कुल 90% हिस्सों को जलापूर्ति की जाती है. इसके लिए पंपिंग इतने बड़े स्तर पर की जा रही है कि, ये काफी तेजी से समाप्त हो रहे हैं.


पिछले 40 सालों से निगरानी की जा रही कि अमेरिका की 10 में 4 साइटों पर जलस्तर ‘अब तक के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.’ वैज्ञानिकों ने बताया कि अगर इन जलस्रोतों से भूजल की पंपिंग को कम भी कर दिया जाए तो धरती में खिंचाव की वजह से पड़ने वाली दरारें कम नहीं होंगी, क्योंकि भूजल को दोबारा बनने में हजारों लाखों साल भी लग जाते हैं.


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