Rabies Infection Causes: रेबीज एक खतरनाक इंफेक्शन है, जो संक्रमित जानवर के काटने पर होता है। सही इलाज ना मिलने पर यह मरीज की जान भी ले सकता है। इसलिए इन जानवरों से बिल्कुल दूर रहें।
गाजियाबाद में रेबीज की वजह से 14 साल के बच्चे की मौत ने पूरे देश को हिला दिया। वायरल वीडियो में यह किशोर अपने पिता की गोद में दम तोड़ते हुए दिख रहा था। इस मामले ने फिर से याद दिला दिया कि किसी कुत्ते के काटने से कितना घातक अंजाम देखने को मिल सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, भारत में रेबीज के कारण 15 साल से नीचे के बच्चों की मृत्यु ज्यादा होती है, क्योंकि वो अक्सर डांट या पिटाई के डर की वजह से घर में इस घटना के बारे में नहीं बताते।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (ref.) का अनुमान कहता है कि रेबीज इंफेक्शन से हर साल भारत में लगभग 18 हजार से 20 हजार मौतें हो सकती हैं। जिसमें 99 प्रतिशत मामले सिर्फ कुत्तों के काटने से होते हैं। लेकिन यह अकेला जानवर नहीं है, जिसके काटने पर रेबीज हो सकता है। इसके अलावा 5 खतरनाक जानवर भी सिर्फ खरोंच से रेबीज कर सकते हैं और बीमारी की रोकथाम के लिए इन्हें टीका लगाना भी मुश्किल है।
ये दूसरा खतरनाक जानवर चमगादड़
डब्ल्यूएचओ बताता है कि कुत्तों के अलावा चमगादड़ दूसरा ऐसा जानवर है, जिसकी वजह से हजारों मौतें हो सकती हैं। अमेरिका में कुत्तों की जगह hematophagous चमगादड़ रेबीज का सबसे बड़ा कारण है। क्योंकि इनके काटने या खरोंच का निशान इतना छोटा होता है कि लोगों की ढंग से नजर नहीं जाती।
ये 4 जानवर भी फैला सकते हैं रेबीज
- बंदर
- घोड़ा
- लोमड़ी
- रेकून
जानवर के काटने पर तुरंत करें ये काम
अगर आपको कुत्ता, चमगादड़ या किसी अन्य जानवर ने काटा है तो तुरंत घाव को साबुन और पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोएं। घाव की मलहम-पट्टी करें और एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं। अगर जरूरत पड़े तो डॉक्टर से बात करके रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज ट्रीटमेंट करवाएं।
रेबीज इंफेक्शन के खतरनाक लक्षण
- बुखार
- बदन दर्द
- घाव पर चुभन, जलन या कोई सेंसेशन
कुत्तों जैसी हरकत करने लगता है मरीज
अक्सर देखा जाता है कि कुत्तों से हुई गंभीर रेबीज के कारण मरीज अजीब बर्ताव करने लगता है। जिसमें पानी से डरना, ताजी हवा से डरना, भ्रम होना, बहुत ज्यादा एक्टिव होना, हाथ-पैर न हिला पाना जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। ये लक्षण धीरे-धीरे गंभीर हो सकते हैं और कोमा व मौत की वजह बन सकते हैं।
रेबीज की रोकथाम के लिए करें ये काम
- पशु चिकित्सक के पास जाकर अपने पालतू जानवर को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।
- अपने पालतू जानवर को घर के अंदर या बांध कर रखें।
- अपने पालतू जानवर को दूसरे आवारा जानवरों से दूर रखें।
- आसपास मौजूद कुत्तों या जानवरों की सूचना संबंधित कार्यालय में दें।
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